श्मशान की मिट्टी ने आवाज़ उठाई

गाँव का नाम था कालिंजर।श्मशान घाट गाँव से दो किलोमीटर दूर था। वहाँ न दीवारें टूटी हुई थीं, काँटों के जंगल उगे थे, बारिश में कीचड़ और गर्मी में धूल। लाशें आतीं तो रिश्तेदार रोते-रोते भी नाक पर रुमाल रखते। बच्चे तो दूर से ही डर जाते। लोग कहते, “अरे, मरने के बाद कौन जाएगा … Read more

“चिता की आग ने सिखाया अमर होने का रास्ता”

श्मशान की उस रात हवा में चुप थी। चिता की लपटें धीरे-धीरे उठ रही थीं और उनके बीच एक बूढ़ा आदमी अकेला खड़ा था। नाम था उनका—रामप्रसाद। साठ साल की नौकरी, दो मंजिला मकान, बैंक में अच्छी-खासी रकम, बेटा विदेश में सेटल, बेटी की शादी धूमधाम से हुई। सब कुछ था। पर चिता पर जो … Read more

श्मशान की पुकार : एक नई सुबह की कहानी

गाँव का नाम था कालिंदीपुर। गाँव के बाहर, नदी के किनारे बसा था पुराना श्मशान घाट। बरसों से वहीं अंतिम संस्कार होते आए थे। चारों तरफ़ जंगली घास, टूटे-फूटे चबूतरे, बारिश में कीचड़ और गर्मियों में धूल। लकड़ी रखने की कोई छाँव नहीं, पानी की व्यवस्था नहीं, बैठने तक की जगह नहीं। लोग आते, रोते, … Read more

💐 गर्व का क्षण – उज्जैन को गौरवान्वित करने वाला सम्मान 💐

आज का दिन श्मशान भूमि शोध संस्थान, उज्जैन के लिए अत्यंत गौरवमयी रहा। संस्थान के संस्थापक आदरणीय श्री रामनरेश शुक्ला जी को दैनिक समाचार पत्र नई दुनिया द्वारा आयोजित “नई दुनिया आइकॉन ऑफ उज्जैन 2025” सम्मान से विभूषित किया गया। यह सम्मान उन्हें नगर पालिका निगम उज्जैन की अध्यक्ष श्रीमती कलावती यादव, माननीय महापौर श्री … Read more

गरोठ-भानपुरा विधानसभा विधायकमाननीय श्री चंदर सिंह सिसोदिया जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं

श्मशान भूमि शोध संस्थान की ओर सेआपके जन्मदिवस पर अशेष शुभकामनाएं।ईश्वर आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और जनसेवा की ऊर्जा प्रदान करें।आपका नेतृत्व क्षेत्र में विकास और समाजहित के कार्यों में सदैव प्रेरणादायक बना रहे। बहुत-बहुत शुभकामनाओं.. श्मशान भूमि शोध संस्थान परिवार उज्जैन (म. प्र.)

Donation: A Legacy That Lives On Even After You Are Gone

Donation is not just about giving money; it is about leaving behind a lasting impact that continues to benefit others long after you are gone. It is a profound act of kindness and selflessness that connects your life to something eternal and meaningful. When we leave this world, we take nothing with us. All that … Read more