“चिता की आग ने सिखाया अमर होने का रास्ता”
श्मशान की उस रात हवा में चुप थी। चिता की लपटें धीरे-धीरे उठ रही थीं और उनके बीच एक बूढ़ा आदमी अकेला खड़ा था। नाम था उनका—रामप्रसाद। साठ साल की नौकरी, दो मंजिला मकान, बैंक में अच्छी-खासी रकम, बेटा विदेश में सेटल, बेटी की शादी धूमधाम से हुई। सब कुछ था। पर चिता पर जो … Read more